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सहीह मुस्लिम

नंबर 3406

नंबर 3406किताब 16, नंबर 9अरबी नंबरिंग 1402.03
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا حُجَيْنُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ، شِهَابٍ أَنَّهُ قَالَ أَخْبَرَنِي سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ، أَنَّهُ سَمِعَ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ، يَقُولُ أَرَادَ عُثْمَانُ بْنُ مَظْعُونٍ أَنْ يَتَبَتَّلَ، فَنَهَاهُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَلَوْ أَجَازَ لَهُ ذَلِكَ لاَخْتَصَيْنَا ‏.‏
Sa'id b. al Musayyib heard Sa'd b. Abi Waqqas (Allah be pleased with him) saying that Uthman b. Maz'un decided to live in celibacy, but Allah's Messenger (ﷺ) forbade him to do so, and if he had permitted him, we would have got ourselves castrated

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।