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सहीह मुस्लिम

नंबर 2871

नंबर 2871किताब 15, नंबर 81अरबी नंबरिंग 1200.03
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ جُبَيْرٍ، قَالَ سَأَلَ رَجُلٌ ابْنَ عُمَرَ مَا يَقْتُلُ الرَّجُلُ مِنَ الدَّوَابِّ وَهُوَ مُحْرِمٌ قَالَ حَدَّثَتْنِي إِحْدَى نِسْوَةِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ كَانَ يَأْمُرُ بِقَتْلِ الْكَلْبِ الْعَقُورِ وَالْفَارَةِ وَالْعَقْرَبِ وَالْحُدَيَّا وَالْغُرَابِ وَالْحَيَّةِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الصَّلاَةِ أَيْضًا ‏.‏
Zaid b. Jubair reported:A person asked Ibn 'Umar which beast a Muhrim could kill, whereupon he said: One of the wives of Allahs Apostle (ﷺ) told me: He (the Holy Prophet) commanded to kill voracious dog, rat, scorpion, kite, crow, and snake (and this is allowed) likewise in prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।