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सहीह मुस्लिम

नंबर 2870

नंबर 2870किताब 15, नंबर 80अरबी नंबरिंग 1200.02
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ جُبَيْرٍ، أَنَّ رَجُلاً، سَأَلَ ابْنَ عُمَرَ مَا يَقْتُلُ الْمُحْرِمُ مِنَ الدَّوَابِّ فَقَالَ أَخْبَرَتْنِي إِحْدَى نِسْوَةِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ أَمَرَ - أَوْ أُمِرَ - أَنْ تُقْتَلَ الْفَارَةُ وَالْعَقْرَبُ وَالْحِدَأَةُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ وَالْغُرَابُ ‏.‏
Zaid b. Jubair reported:A person asked Ibn Umar which beast a Muhrim could kill. Thereupon he said: One of the wives of Allah's Apostle (ﷺ) told me: He (the Holy Prophet) commanded to kill rat, scorpion, kite, voracious dog and crow

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।