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सहीह मुस्लिम

नंबर 2869

नंबर 2869किताब 15, नंबर 79अरबी नंबरिंग 1200.01
حَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي سَالِمُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - قَالَ قَالَتْ حَفْصَةُ زَوْجُ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَمْسٌ مِنَ الدَّوَابِّ كُلُّهَا فَاسِقٌ لاَ حَرَجَ عَلَى مَنْ قَتَلَهُنَّ الْعَقْرَبُ وَالْغُرَابُ وَالْحِدَأَةُ وَالْفَارَةُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ ‏"‏ ‏.‏
Hafsa, the wife of Allah's Apostle (ﷺ), reported Allah's Messenger (ﷺ) having said this:There are five beasts, all of them are vicious and harmful and there is no sin for one who kills them (and these are): scorpion, crow, kite, rat and voracious dog

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।