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सहीह मुस्लिम

नंबर 2872

नंबर 2872किताब 15, नंबर 82अरबी नंबरिंग 1199.02
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، - رضى الله عنهما - أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ خَمْسٌ مِنَ الدَّوَابِّ لَيْسَ عَلَى الْمُحْرِمِ فِي قَتْلِهِنَّ جُنَاحٌ الْغُرَابُ وَالْحِدَأَةُ وَالْعَقْرَبُ وَالْفَارَةُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar (Allah be pleased with them) reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Five are the beasts for killing which there is no sin for the Muhrim: crows, kites, scorpions, rats and wild dogs

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 15 · The Book of Pilgrimage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।