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सहीह मुस्लिम

नंबर 2271

नंबर 2271किताब 12, नंबर 9अरबी नंबरिंग 980
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ مَعْرُوفٍ، وَهَارُونُ بْنُ سَعِيدٍ الأَيْلِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي عِيَاضُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ قَالَ ‏ "‏ لَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ أَوَاقٍ مِنَ الْوَرِقِ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسِ ذَوْدٍ مِنَ الإِبِلِ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ مِنَ التَّمْرِ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:No Sadaqa is payable on less than five fiqiyas of silver, and on less than five heads of camels, and less than five wasqs of dates

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।