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सहीह मुस्लिम

नंबर 2270

नंबर 2270किताब 12, नंबर 8अरबी नंबरिंग 979.08
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا الثَّوْرِيُّ، وَمَعْمَرٌ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، بْنِ أُمَيَّةَ بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَ حَدِيثِ ابْنِ مَهْدِيٍّ وَيَحْيَى بْنِ آدَمَ غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ - بَدَلَ التَّمْرِ - ثَمَرٍ ‏.‏
A hadith like this has been narrated by Isma'il b. Umayya with the same chain of transmitters, but instead of the word dates, fruit has been used

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of Zakat

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।