حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ مَهْدِيٍّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَزِيدَ اللَّيْثِيِّ، عَنْ تَمِيمٍ الدَّارِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ .
Muhammad b. Hatim and others narrate the same hadith of the Apostle (may peace and blessings be upon him) on the authority of Tamim ad-Dari
स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।