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मुवत्ता इमाम मालिक

नंबर 352

नंबर 352किताब 9, नंबर 27
وَحَدَّثَنِي عَنْ مَالِكٍ، قَالَ بَلَغَنِي عَنْ نَافِعٍ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ، كَانَ يَرَى ابْنَهُ عُبَيْدَ اللَّهِ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ يَتَنَفَّلُ فِي السَّفَرِ فَلاَ يُنْكِرُ عَلَيْهِ ‏.‏
Yahya related to me that Malik said, "I have heard from Nafi that Abdullah ibn Umar used to see his son, Ubaydullah ibn Abdullah, doing voluntary prayers on a journey,and he would not disapprove of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Mauquf DaifSalim al-Hilali

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · Shortening the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।