सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 1769

नंबर 1769किताब 7, नंबर 132
حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ أَبِي حُصَيْنٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ كَانَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَعْتَكِفُ كُلَّ عَامٍ عَشْرَةَ أَيَّامٍ فَلَمَّا كَانَ الْعَامُ الَّذِي قُبِضَ فِيهِ اعْتَكَفَ عِشْرِينَ يَوْمًا وَكَانَ يُعْرَضُ عَلَيْهِ الْقُرْآنُ فِي كُلِّ عَامٍ مَرَّةً فَلَمَّا كَانَ الْعَامُ الَّذِي قُبِضَ فِيهِ عُرِضَ عَلَيْهِ مَرَّتَيْنِ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:“The Prophet (ﷺ) used to observe I’tikaf for ten days every year. In the year in which he passed away, he observed I’tikaf for twenty days. And the Qur’an would be reviewed with him once every year, but in the year in which he passed away, it was reviewed with him twice.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।