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सुनन इब्न माजा

नंबर 1770

नंबर 1770किताब 7, नंबर 133
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ حَمَّادِ بْنِ سَلَمَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَبِي رَافِعٍ، عَنْ أُبَىِّ بْنِ كَعْبٍ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ يَعْتَكِفُ الْعَشْرَ الأَوَاخِرَ مِنْ رَمَضَانَ فَسَافَرَ عَامًا فَلَمَّا كَانَ مِنَ الْعَامِ الْمُقْبِلِ اعْتَكَفَ عِشْرِينَ يَوْمًا ‏.‏
It was narrated from Ubayy bin Ka’b that:The Prophet (ﷺ) used to spend the last ten days of Ramadan in I’tikaf. One year he was traveling, so the following year he spent twenty days in I’tikaf
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।