सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 4180

नंबर 4180किताब 37, नंबर 81
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، وَعَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، قَالاَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي عُتْبَةَ، - مَوْلًى لأَنَسِ بْنِ مَالِكٍ - عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَشَدَّ حَيَاءً مِنْ عَذْرَاءَ فِي خِدْرِهَا وَكَانَ إِذَا كَرِهَ شَيْئًا رُئِيَ ذَلِكَ فِي وَجْهِهِ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa’eed Al-Khudri said:“The Messenger of Allah (ﷺ) was more modest than a virgin in her chamber. If he disliked something, that could be seen in his face.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।