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सुनन इब्न माजा

नंबर 4179

नंबर 4179किताब 37, नंबर 80
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ الْحُسَيْنِ بْنِ وَاقِدٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ مَطَرٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عِيَاضِ بْنِ حِمَارٍ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَنَّهُ خَطَبَهُمْ فَقَالَ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ أَوْحَى إِلَىَّ أَنْ تَوَاضَعُوا حَتَّى لاَ يَفْخَرَ أَحَدٌ عَلَى أَحَدٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Iyad bin Himar that the Prophet (ﷺ) addressed them and said:“Allah has revealed to me that you should be humble towards one another so that none of you boasts to another.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।