सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 4181

नंबर 4181किताब 37, नंबर 82
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الرَّقِّيُّ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ يَحْيَى، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنَّ لِكُلِّ دِينٍ خُلُقًا وَخُلُقُ الإِسْلاَمِ الْحَيَاءُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Every religion has its distinct characteristic, and the distinct characteristic of Islam is modesty.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।