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सुनन इब्न माजा

नंबर 3306

नंबर 3306किताब 29, नंबर 56
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ عَطَاءٍ الْجَزَرِيُّ، حَدَّثَنَا مَسْلَمَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْجُهَنِيُّ، عَنْ عَمِّهِ أَبِي مَشْجَعَةَ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، قَالَ مَا دُعِيَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِلَى لَحْمٍ قَطُّ إِلاَّ أَجَابَ وَلاَ أُهْدِيَ لَهُ لَحْمٌ قَطُّ إِلاَّ قَبِلَهُ ‏.‏
It was narrated that Abu Darda’ said:“The Messenger of Allah (ﷺ) was never invited to eat meat but he would respond, and he was never offered meat as a gift but he would accept it.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।