सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3307

नंबर 3307किताब 29, नंबर 57
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ الْعَبْدِيُّ، ح وَحَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو حَيَّانَ التَّيْمِيُّ، عَنْ أَبِي زُرْعَةَ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ أُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ذَاتَ يَوْمٍ بِلَحْمٍ فَرُفِعَ إِلَيْهِ الذِّرَاعُ وَكَانَتْ تُعْجِبُهُ فَنَهَسَ مِنْهَا ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:“One day some meat was brought to the Messenger of Allah (ﷺ) and the foreleg was offered to him which he liked, so he bit it with his front teeth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 29 · Chapters on Food

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।