حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ الْوَلِيدِ الْخَلاَّلُ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ صَالِحٍ، حَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ عَطَاءٍ الْجَزَرِيُّ، حَدَّثَنِي مَسْلَمَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الْجُهَنِيُّ، عَنْ عَمِّهِ أَبِي مَشْجَعَةَ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ " سَيِّدُ طَعَامِ أَهْلِ الدُّنْيَا وَأَهْلِ الْجَنَّةِ اللَّحْمُ " .
It was narrated from Abu Darda’ that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The best food of the people of this world and the people of Paradise is meat.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
Very DaifAl-Albani
Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Very DaifShuaib Al Arnaut
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।