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सुनन इब्न माजा

नंबर 3066

नंबर 3066किताब 25, नंबर 185
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَهَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ لَمْ يُرَخِّصِ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لأَحَدٍ يَبِيتُ بِمَكَّةَ إِلاَّ لِلْعَبَّاسِ مِنْ أَجْلِ السِّقَايَةِ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Abbas said:“The Prophet (ﷺ) did not allow anyone to stay overnight in Makkah apart from ‘Abbas, for the purpose of supplying water to the pilgrims.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।