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सुनन इब्न माजा

नंबर 2988

नंबर 2988किताब 25, नंबर 107
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، وَعَمْرُو بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ، عَنْ كَثِيرِ بْنِ جُمْهَانَ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ إِنْ أَسْعَ بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ فَقَدْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَسْعَى وَإِنْ أَمْشِ فَقَدْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَمْشِي وَأَنَا شَيْخٌ كَبِيرٌ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Umar said:“If I go quickly between Safa and Marwah, that is because I saw the Messenger of Allah (ﷺ) going quickly, and if I walk that is because I saw the Messenger of Allah (ﷺ) walking, even though I am an old man.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।