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सुनन इब्न माजा

नंबर 2987

नंबर 2987किताब 25, नंबर 106
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَعَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا هِشَامٌ الدَّسْتَوَائِيُّ، عَنْ بُدَيْلِ بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنْ صَفِيَّةَ بِنْتِ شَيْبَةَ، عَنْ أُمِّ وَلَدِ، شَيْبَةَ قَالَتْ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَسْعَى بَيْنَ الصَّفَا وَالْمَرْوَةِ وَهُوَ يَقُولُ ‏ "‏ لاَ يُقْطَعُ الأَبْطَحُ إِلاَّ شَدًّا ‏"‏ ‏.‏
It was narratd that an Umm Walad* of Shaibah said:“I saw the Messenger of Allah (ﷺ) performing Sa’y between Safa and Marwah saying: ‘The valley should not be crossed except quickly.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Chapters on Hajj Rituals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।