सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 2633

नंबर 2633किताब 21, नंबर 19
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عُبَيْدِ بْنِ نَضْلَةَ، عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ شُعْبَةَ، قَالَ قَضَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالدِّيَةِ عَلَى الْعَاقِلَةِ ‏.‏
It was narrated that Mughirah bin Shu'bah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) ruled that the blood money must be paid by the 'Aqilah.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।