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सुनन इब्न माजा

नंबर 2634

नंबर 2634किताब 21, नंबर 20
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ دُرُسْتَ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ بُدَيْلِ بْنِ مَيْسَرَةَ، عَنْ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ، عَنْ رَاشِدِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ أَبِي عَامِرٍ الْهَوْزَنِيِّ، عَنِ الْمِقْدَامِ الشَّامِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَنَا وَارِثُ مَنْ لاَ وَارِثَ لَهُ أَعْقِلُ عَنْهُ وَأَرِثُهُ وَالْخَالُ وَارِثُ مَنْ لاَ وَارِثَ لَهُ يَعْقِلُ عَنْهُ وَيَرِثُهُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Miqdam Ash-Shami that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“I am the heir of the one who has no heir, and I will pay blood money on his behalf and inherit from him, and the maternal uncle is the heir of the one who has no heir; he pays the blood money on his behalf and inherits from him.'”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Chapters on Blood Money

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।