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सुनन इब्न माजा

नंबर 2600

नंबर 2600किताब 20, नंबर 68
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ لَهِيعَةَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَجْلاَنَ، أَنَّهُ سَمِعَ عَمْرَو بْنَ شُعَيْبٍ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِيهِ، عَنْ جَدِّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنْ جَلْدِ الْحَدِّ فِي الْمَسَاجِدِ ‏.‏
Amr bin Shu'aib narrated from his father, from his grandfather, that:the Messenger of Allah (ﷺ) forbade lashing for the legal punishment in the mosques
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 20 · The Chapters on Legal Punishments

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।