حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ الأَزْهَرِ، حَدَّثَنَا الْهَيْثَمُ بْنُ جَمِيلٍ، حَدَّثَنِي عُمَرُ بْنُ سُلَيْمٍ، حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ " مَنْ سُئِلَ عَنْ عِلْمٍ فَكَتَمَهُ أُلْجِمَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ بِلِجَامٍ مِنْ نَارٍ " .
Yusuf bin Ibrahim said:'I heard Anas bin Malik say: "I heard the Messenger of Allah say: "Whoever is asked about knowledge and conceals it, it will be bridled on the Day of Resurrection with reins of fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।