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सुनन इब्न माजा

नंबर 265

नंबर 265किताब 0, नंबर 265
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ حِبَّانَ بْنِ وَاقِدٍ الثَّقَفِيُّ أَبُو إِسْحَاقَ الْوَاسِطِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَاصِمٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ دَابٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ سُلَيْمٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ كَتَمَ عِلْمًا مِمَّا يَنْفَعُ اللَّهُ بِهِ فِي أَمْرِ النَّاسِ فِي الدِّينِ أَلْجَمَهُ اللَّهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ بِلِجَامٍ مِنَ النَّارِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Al-Khudri said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever conceals knowledge which Allah has made beneficial for mankind's affairs of religion, Allah will bridle him with reins of fire on the Day of Resurrection
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Very DaifAl-Albani
  • Very DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।