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सुनन इब्न माजा

नंबर 131

नंबर 131किताब 0, नंबर 131
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، وَخَالِي، يَعْلَى وَوَكِيعٌ عَنْ إِسْمَاعِيلَ، عَنْ قَيْسٍ، قَالَ سَمِعْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ، يَقُولُ إِنِّي لأَوَّلُ الْعَرَبِ رَمَى بِسَهْمٍ فِي سَبِيلِ اللَّهِ ‏.‏
It was narrated that Qais said:"I heard Sa'd bin Abu Waqqas say: 'I am the first of the Arabs to shoot an arrow in the cause of Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Bukhari And MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।