सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 130

नंबर 130किताब 0, नंबर 130
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ بْنُ سَعْدٍ، ح وَحَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا حَاتِمُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، وَإِسْمَاعِيلُ بْنُ عَيَّاشٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ سَمِعْتُ سَعْدَ بْنَ أَبِي وَقَّاصٍ، يَقُولُ لَقَدْ جَمَعَ لِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَوْمَ أُحُدٍ أَبَوَيْهِ فَقَالَ ‏ "‏ ارْمِ سَعْدُ فِدَاكَ أَبِي وَأُمِّي ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Sa'eed bin Musayyab said:"I heard Sa'd bin Abu Waqqas say: 'The Messenger of Allah mentioned his parents together for me on the Day of Uhud. He said: 'Shoot, Sa'd! May my father and mother be sacrificed for you
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

The Book of the Sunnah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।