رياض الصالحين للنووي، تحقيق: ماهر الفحل، دار ابن كثير، دمشق، ط1، 2007م. صحيح البخاري، بترقيم محمد فؤاد عبد الباقي. نزهة المتقين شرح رياض الصاحين، شرح الدكتور مصطفى الخن وآخرين، مؤسسة الرسالة، ط 1. 1987م. تطريز رياض الصالحين، لفيصل بن عبد العزيز آل مبارك، تحقيق: عبد العزيز آل حمد، دار العاصمة، ط1، الرياض، 2002م. دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، لابن علان، دار الكتاب العربي، بيروت. شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين، مؤسسة ابن عثيمين الخيرية، مدار الوطن للنشر، الرياض، ط1426هـ. كنوز رياض الصالحين، المجلس العلمي كنوز دار إشبيليا، الرياض، ط1، 2009م.
तशरीह के साथ हदीसें
हम लोग जब अपने बादशाहों के पास जाते हैं, तो ऐसी बातें करते हैं, जो बातें वहाँ से निकलने के बाद नहीं करते। उन्होंने उत्तर दिया : हम इसे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के युग में निफ़ाक़ -पाखंड तथा ढ़ोंग- समझते थे।
عن محمد بن زيد: أن نَاسًا قالوا لجده عبد الله بن عمر رضي الله عنهما : إنا ندخل على سَلاطِينِنَا فنقول لهم بخلاف ما نتكلم إذا خرجنا من عندهم، قال: كنا نَعُدُّ هذا نفاقا على عهد رسول الله صلى الله عليه وسلم .
मुहम्मद बिन ज़ैद कहते हैं कि कुछ लोगों ने उनके दादा अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- से कहा : हम लोग जब अपने बादशाहों के पास जाते हैं, तो ऐसी बातें करते हैं, जो बातें वहाँ से निकलने के बाद नहीं करते। उन्होंने उत्तर दिया : हम इसे अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के युग में निफ़ाक़ -पाखंड तथा ढ़ोंग- समझते थे।
इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com