पवित्र एवं उच्च अल्लाह क़यामत के दिन अपनी सम्मानित पिंडली खोगेला, तो सारे मोमिन, पुरुष हों कि स्त्री, सजदे में गिर पड़ेंगे। लेकिन मुनाफ़िक़ लोग, जो दुनिया में लोगों को दिखाने के लिए सजदे किया करते थे, उन्हें सजदे से रोक दिया जाएगा और उनकी पीठ को रीढ़ की हड्डियों के विभिन्न टुकड़ों में से एक टुकड़ा बना दिया जाएगा। वे न झुक सकेंगे और न सजदा कर सकेंगे। क्योंकि दुनिया में वे अल्लाह के लिए नहीं, बल्कि सांसारिक उद्देश्यों के तहत सजदे किया करते थे। ज्ञात हो कि यहाँ पिंडली का अर्थ भीषणता और बेचैनी आदि बयान करना उचित नहीं है। उसे अल्लाह के एक गुण के रूप में, उसकी कैफ़ियत बयान किए बिना, उपमा दिए बिना, उसके अर्थ के साथ छेड़छाड़ किए बिना और इस संबंध में आए हुए शब्द को अर्थविहीन बनाए बिना, मानना ज़रूरी है।
صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى، 1422ه. عمدة القاري شرح صحيح البخاري، لمحمود بن أحمد بن موسى الحنفى بدر الدين العينى، الناشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. مرقاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، لعلي بن سلطان الملا الهروي القاري، الناشر: دار الفكر، بيروت – لبنان، الطبعة: الأولى، 1422هـ - 2002م. شرح كتاب التوحيد من صحيح البخاري، لعبد الله بن محمد الغنيمان، الناشر: مكتبة الدار، المدينة المنورة، الطبعة: الأولى، 1405 هـ.