उनमें से कुछ ऐसे होंगे जिनके टख़नों तक आग पहूँचेगी, तो कुछ लोगों के घुटनों तक और कुछ के कमर तक। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होंगे, जिनकी हँसली तक अग पहुँच रही होगी।
عن سمرة بن جندب رضي الله عنه : أن نبي الله صلى الله عليه وسلم قال: «منهم مَنْ تَأْخُذُهُ النَّارُ إلى كَعْبَيْهِ، ومنهم مَنْ تَأْخُذُهُ إلى رُكْبَتَيْهِ، ومِنْهُم مَنْ تَأْخُذُهُ إلى حُجْزَتِهِ، ومنهم مَنْ تَأْخُذُهُ إلى تَرْقُوَتِهِ».
समुरा बिन जुंदुब (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है कि नबी (सल्लल्लाहु अलैही व सल्लम) ने फरमायाः "उनमें से कुछ ऐसे होंगे जिनके टख़नों तक आग पहूँचेगी, तो कुछ लोगों के घुटनों तक और कुछ के कमर तक। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होंगे, जिनकी हँसली तक अग पहुँच रही होगी।"
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
तशरीह
यह हदीस क़यामत के दिन तथा जहन्नम की यातना से भय करना सिखाती है। इसमें बताया गया है कि क़यामत के दिन आग कुछ लोगों के टखनों तक पहुँचेगी, कुछ लोगों के घुटनों तक पहुँचेगी, कुछ लोगों की कमर तक पहुँचेगी और कुछ लोगों की गर्दन तक पहुँचेगी। दरअसल, लोग दुनिया में किए हुए अपने कर्म के अनुसार अलग-अलग श्रेणी की यातना का सामना कर रहे होंगे।
हवाला
رياض الصالحين، للنووي، نشر: دار ابن كثير للطباعة والنشر والتوزيع، دمشق، بيروت، تحقيق: ماهر ياسين الفحل، الطبعة: الأولى، 1428هـ - 2007م.
نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، نشر: مؤسسة الرسالة، الطبعة: الرابعة عشر، 1407هـ - 1987م.
شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين، نشر: دار الوطن للنشر، الرياض، الطبعة: 1426هـ.
المعجم الوسيط، نشر: دار إحياء التراث العربي، بيروت - لبنان، الطبعة: الثانية.
صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي - بيروت.
دليل الفالحين لطرق رياض الصالحين، لمحمد بن علان الشافعي، دار الكتاب العربي- بيروت
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com
उनमें से कुछ ऐसे होंगे जिनके टख़नों तक आग पहूँचेगी, तो कुछ लोगों के घुटनों तक और कुछ के कमर तक। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होंगे, जिनकी हँसली तक अग पहुँच रही होगी। · तशरीह के साथ हदीसें · सबील