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तशरीह के साथ हदीसें

क़यामत के दिन अज़ान देने वालों की गर्दनें सबसे ऊँची होंगी।

عَنْ مُعَاوِيَةَ رَضيَ اللهُ عنهُ قَالَ: سَمِعْتُ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ: «الْمُؤَذِّنُونَ أَطْوَلُ النَّاسِ أَعْنَاقًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ».
मुआविया -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि मैंने अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को यह फरमाते हुए सुना है : "क़यामत के दिन अज़ान देने वालों की गर्दनें सबसे ऊँची होंगी।"
इसे मुस्लिम ने रिवायत किया हैदर्जास़ह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि अज़ान देने वाले, अपने इस कार्य की महत्ता, अपनी नेकियों तथा मिलने वाले बड़े प्रतिफल के कारण क़यामत के दिन सबसे ऊँची गर्दन वाले होंगे।

फ़ायदे
  1. अज़ान की फ़ज़ीलत तथा उसकी प्रेरणा।
  2. अज़ान देने वालों का मान-सम्मान तथा क़यामत के दिन उनका उच्च स्थान।
हवाला

صحيح مسلم (1/ 290) (387). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (2/ 251). شرح رياض الصالحين، لابن عثيمين (5/ 31). شرح صحيح مسلم، النووي (4/ 89). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 768).

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आख़िरत (परलोक) का जीवन

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