صحيح البخاري، نشر: دار طوق النجاة (مصورة عن السلطانية بإضافة ترقيم محمد فؤاد عبد الباقي)، الطبعة: الأولى، 1422ه. صحيح مسلم، تحقيق: محمد فؤاد عبد الباقي، نشر: دار إحياء التراث العربي – بيروت. كشف المشكل من حديث الصحيحين، لجمال الدين أبي الفرج عبد الرحمن بن علي بن محمد الجوزي، المحقق: علي حسين البواب، الناشر: دار الوطن – الرياض. مرقاة المفاتيح شرح مشكاة المصابيح، لعلي بن سلطان الملا الهروي القاري، الناشر: دار الفكر، بيروت – لبنان، الطبعة: الأولى، 1422هـ - 2002م.
तशरीह के साथ हदीसें
अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में चाँद के दो टुकड़े हुए, तो पहाड़ ने एक टुकड़े को परदे में कर दिया और दूसरा टुकड़ा पहा़ड़ के ऊपर था। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “ऐ अल्लाह! तू गवाह रह!”
عن عبد الله بن مسعود رضي الله عنه مرفوعاً: انشقَّ القمر على عهد رسول الله صلى الله عليه وسلم فِلْقَتين، فستر الجبل فِلْقَة، وكانت فِلْقَة فوق الجبل، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «اللهمَّ اشهَدْ».
अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ियल्लाहु अन्हु) से मरफ़ूअन रिवायत है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के ज़माने में चाँद के दो टुकड़े हुए, तो पहाड़ ने एक टुकड़े को परदे में कर दिया और दूसरा टुकड़ा पहा़ड़ के ऊपर था। इसपर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फ़रमाया : “ऐ अल्लाह! तू गवाह रह!”
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।दर्जासह़ीह़
हवाला
यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com