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तशरीह के साथ हदीसें

हर त्रुटि के लिए सलाम फेरने के बाद दो सजदे हैं।

عن ثوبان رضي الله عنه : أن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «لكل سهو سجدتان بعدما يُسَلِّمُ».
सौबान -रज़ियल्लाहु अन्हु- से रिवायत है कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "हर त्रुटि के लिए सलाम फेरने के बाद दो सजदे हैं।"
इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।दर्जाह़सन
हवाला

مسند أحمد بن حنبل، لأبي عبد الله أحمد بن محمد بن حنبل، تحقيق أبو المعاطي النوري، عالم الكتب. السنن، لأبي داود سليمان بن الأشعث السجستاني ، دار الفكر، تحقيق : محمد محيي الدين عبد الحميد. صحيح أبي داود للألباني، ط1، مؤسسة غراس للنشر والتوزيع، الكويت، 1423 هـ. توضيح الأحكام من بلوغ المرام للحافظ أحمد بن علي بن حجر العسقلاني، عبدالله بن عبد الرحمن البسام ، مكتبة الأسدي، مكة ، ط الخامسة 1423هـ .

यह हदीस HadeethEnc.com पर
नमाज़ में ग़लती, तिलावत तथा शुक्र के सजदे

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com