अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने यहाँ बताया है कि एक मुसलमान की लुंगी यानी पुरुषों के शरीर के निचले आधे भाग को ढाँकने वाले कपड़े की तीन हालतें हुआ करती हैं : 1- लुंगी को आधी पिंडली तक रखना मुसतहब है। 2- आधी पिंडली से टखनों यानी पिंडली और क़दम के जोड़ के पास की दो उभरी हुई हड्डियों के बीच रखना जायज़ है और इसमें कोई कराहत नहीं है। 3- टखनों से नीचे लटकाना हराम है। डर इस बात का है कि उसे आग की यातना का सामना करना पड़े। ऐसा अगर अभिमान एवं सरकशी में किया जाता है, तो अल्लाह उसकी ओर देखेगा तक नहीं।
- यह चेतावनी केवल पुरुषों के साथ खास है। महिलाएँ इसके दायरे में नहीं आतीं, क्योंकि उनको पूरा शरीर छुपाकर रखने का आदेश है।
- पुरुषों के शरीर के निचले आधे भाग को ढाँकने वाले हर कपड़े, जैसे पाजामाम और उसकी तरह के अन्य कपड़ों को इज़ार कहा जाएगा और ये सारे कपड़े इस हदीस में बयान किए गए शरई निर्देश के दायरे में आएँगे।
سنن أبي داود (6/ 191) (4093). سنن ابن ماجه (4/ 583) (3573). مسند أحمد (17/ 52) (11010). نزهة المتقين شرح رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (1/ 637). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (2/ 95). كنوز رياض الصالحين، لمجموعة من الباحثين (10/ 582). المعجم الوسيط، (1/ 16).