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तशरीह के साथ हदीसें

मोमिन अपने अच्छे आचरण के कारण रोज़ेदार और तहज्जुद गुज़ार का दर्जा प्राप्त कर लेता है।

عن عائشة رضي الله عنها قالت: سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم يقول: «إنَّ المُؤْمِنَ ليُدرِكُ بِحُسْنِ خُلُقِهِ دَرَجَةَ الصَّائِمِ القَائِمِ».
आइशा रज़ियल्लाहु अनहा का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को फ़रमाते हुए सूना : "मोमिन अपने अच्छे आचरण के कारण रोज़ेदार और तहज्जुद गुज़ार का दर्जा प्राप्त कर लेता है।"
इस ह़दीस़ को अबू दावूद और अह़मद ने रिवायत किया हैदर्जाशवाहिद के आधार पर स़ह़ीह़
तशरीह

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि अच्छा आचरण इन्सान को निरंतर रूप से रोज़ा रखने वाले और तहज्जुद पढ़ने वाले व्यक्ति के स्थान पर लाकर खड़ा कर देता है। याद रहे कि अच्छा आचरण नाम है, भला करने, अच्छी बात कहने, हँसकर मिलने, किसी को कष्ट न देने और कोई कष्ट दे, तो सब्र करने का।

फ़ायदे
  1. इस्लाम ने मानव आचरण को विशुद्ध एवं संपूर्ण बनाने पर बहुत ज़्यादा ध्यान दिया है।
  2. अच्छे आचरण का महत्व इतना है कि इन्सान इसके ज़रिए निरंतर रूप से रोज़ा रखने और बिना थके तहज्जुद पढ़ने वाले का स्थान प्राप्त कर लेता है।
  3. दिन में रोज़ा रखना और रात में तहज्जुद पढ़ना, दोनों बड़े-बड़े अमल हैं और दोनों को करते समय इन्सान को कष्ट होता है। लेकिन अच्छे आचरण वाला इन्सान इनका स्थान इसलिए प्राप्त कर लेता है कि इसके लिए इन्सान को अपने आपसे लड़ना पड़ता है।
हवाला

سنن أبي داود (7/ 176) (4798). مسند أحمد (40/ 414) (24355). بهجة الناظرين شرح رياض الصالحين، لسليم الهلالي (1/ 675). تطرز رياض الصالحين، لفيصل آل مبارك (ص411). مشكاة المصابيح، لمحمد العمري (3/ 1409).

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सरहनायोग्य आचरण

यहाँ हर हदीस, दर्जा, तशरीह और फ़ायदा ठीक वैसे ही दिखाया गया है जैसे HadeethEnc.com उसे शाया करता है, दोबारा इशाअत की उसकी शर्तों के तहत। दर्जे के साथ हुक्म लगाने वाले का नाम दर्ज नहीं है। तर्जुमे और तशरीहें उसके मुसन्निफ़ों की अपनी हैं, और कुछ में अहकाम बयान हुए हैं; सबील के जाँचने वालों ने इन्हें नहीं परखा है। अरबी हदीस ही असल टेक्स्ट है। स्रोत: HadeethEnc.com