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सहीह बुख़ारी

नंबर 1632

नंबर 1632किताब 25, नंबर 115
حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ الْوَاسِطِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ خَالِدٍ الْحَذَّاءِ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ ـ رضى الله عنهما ـ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم طَافَ بِالْبَيْتِ، وَهْوَ عَلَى بَعِيرٍ، كُلَّمَا أَتَى عَلَى الرُّكْنِ أَشَارَ إِلَيْهِ بِشَىْءٍ فِي يَدِهِ وَكَبَّرَ‏.‏
Narrated Ibn `Abbas:Allah's Messenger (ﷺ) performed Tawaf (of the Ka`ba) riding a camel (at that time the Prophet (ﷺ) had a foot injury). Whenever he came to the Corner (having the Black Stone) he would point out towards it with a thing in his hand and say, "Allahu-Akbar

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · Hajj (Pilgrimage)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।