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सुनन अबू दाऊद

नंबर 1279

नंबर 1279किताब 5, नंबर 30
حَدَّثَنَا حَفْصُ بْنُ عُمَرَ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الأَسْوَدِ، وَمَسْرُوقٍ، قَالاَ نَشْهَدُ عَلَى عَائِشَةَ - رضى الله عنها - أَنَّهَا قَالَتْ مَا مِنْ يَوْمٍ يَأْتِي عَلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم إِلاَّ صَلَّى بَعْدَ الْعَصْرِ رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
Al-Aswad and Masruq said:We bear witness that 'Aishah said: Not a day passed but the Prophet (ﷺ) prayed two rak'ahs after the 'Asr prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih Bukhari (593) Sahih Muslim (835)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · Prayer (Kitab Al-Salat): Voluntary Prayers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।