حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْوَزِيرِ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مَزْيَدٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ جَابِرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي سُلَيْمُ بْنُ عَامِرٍ، عَنِ ابْنَىْ، بُسْرٍ السُّلَمِيَّيْنِ قَالاَ دَخَلَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَدَّمْنَا زُبْدًا وَتَمْرًا وَكَانَ يُحِبُّ الزُّبْدَ وَالتَّمْرَ .
Narrated Abdullah ibn Busr ibn Atiyyah ibn Busr: The Messenger of Allah (ﷺ) came to visit us and we offered him butter and dates, for he liked butter and dates
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
Isnaad SahihZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।