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सुनन अबू दाऊद

नंबर 3303

नंबर 3303किताब 22, नंबर 62
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَفْصِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ السُّلَمِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبِي قَالَ، حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ، - يَعْنِي ابْنَ طَهْمَانَ - عَنْ مَطَرٍ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، ‏:‏ أَنَّ أُخْتَ، عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ نَذَرَتْ أَنْ تَحُجَّ، مَاشِيَةً وَأَنَّهَا لاَ تُطِيقُ ذَلِكَ، فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏:‏ ‏ "‏ إِنَّ اللَّهَ لَغَنِيٌّ عَنْ مَشْىِ أُخْتِكَ، فَلْتَرْكَبْ وَلْتُهْدِ بَدَنَةً ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abdullah ibn Abbas: The sister of Uqbah ibn Amir took a vow that she would perform hajj on foot, and she was unable to do so. The Prophet (ﷺ) said: Allah is not in need of the walking of your sister. She must ride and offer a sacrificial camel
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · Oaths and Vows (Kitab Al-Aiman Wa Al-Nudhur)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।