حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مَعِينٍ، حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي الأَحْوَلُ، أَنَّ طَاوُسًا، أَخْبَرَهُ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، : أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مَرَّ وَهُوَ يَطُوفُ بِالْكَعْبَةِ بِإِنْسَانٍ يَقُودُهُ بِخِزَامَةٍ فِي أَنْفِهِ، فَقَطَعَهَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم بِيَدِهِ وَأَمَرَهُ أَنْ يَقُودَهُ بِيَدِهِ .
Narrated Ibn 'Abbas:The Prophet (ﷺ) while going round the Ka'bah passed a man who was led with a ring of bridle in his nose. The Prophet (ﷺ) cut it off with his hand and ordered to lead him by catching his hand
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
SahihShuaib Al Arnaut
Sahih Bukhari (1620)Zubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।