हसन से वर्णित है, वह कहते हैं कि अबू बकरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) उस समय पहुँचे जब अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रुकू में थे, तो उन्होंने सफ (पंक्ति) में पहुँचने के पूर्व ही रुकू कर लिया तथा उसी हालत में चलते हुए सफ में पहूँचे, जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- नमाज़ से फारिग़ हुए तो पूछा : “वह तुममें से कौन था जिसने सफ के पूर्व ही रुकू कर लिया था, फिर वैसे ही चलते हुए सफ में पहुँचा?” अबू बकरा (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने कहा : वह मैं था, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया : “अल्लाह तआला तुम्हारे शौक़ (चाह, अभिरुचि) में वृद्धि करे, लेकिन पुनः ऐसा न करना।”
जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।