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सुनन अबू दाऊद

नंबर 683

नंबर 683किताब 2, नंबर 293
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، أَنَّ يَزِيدَ بْنَ زُرَيْعٍ، حَدَّثَهُمْ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ زِيَادٍ الأَعْلَمِ، حَدَّثَنَا الْحَسَنُ، أَنَّ أَبَا بَكْرَةَ، حَدَّثَ أَنَّهُ، دَخَلَ الْمَسْجِدَ وَنَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَاكِعٌ - قَالَ - فَرَكَعْتُ دُونَ الصَّفِّ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ زَادَكَ اللَّهُ حِرْصًا وَلاَ تَعُدْ ‏"‏ ‏.‏
Abu Bakrah said that he came to the mosque when the prophet (ﷺ) was bowing. So I bowed outside the row (before joining it). The prophet (ﷺ) said; May Allah increase your eagerness! But do not do it again
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih Bukhari (783)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।