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सुनन अबू दाऊद

नंबर 685

नंबर 685किताब 2, नंबर 295
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ الْعَبْدِيُّ، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ مُوسَى بْنِ طَلْحَةَ، عَنْ أَبِيهِ، طَلْحَةَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا جَعَلْتَ بَيْنَ يَدَيْكَ مِثْلَ مُؤَخَّرَةِ الرَّحْلِ فَلاَ يَضُرُّكَ مَنْ مَرَّ بَيْنَ يَدَيْكَ ‏"‏ ‏.‏
Talhah b. 'Ubaid Allah reported the Messenger of Allah (ﷺ) as saying:When you place in front of you something such as the back of a saddle, then there is no harm if someone passes in front of you (i.e. the other side of it)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Muhyi Al-Din Abdul Hamid
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • Sahih Muslim (499)Zubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 2 · Prayer (Kitab Al-Salat)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।