At-Tawba 9:32
التوبةيُرِيدُونَ أَن يُطْفِـُٔوا۟ نُورَ ٱللَّهِ بِأَفْوَٰهِهِمْ وَيَأْبَى ٱللَّهُ إِلَّآ أَن يُتِمَّ نُورَهُۥ وَلَوْ كَرِهَ ٱلْكَـٰفِرُونَ
वे चाहते हैं कि अल्लाह के प्रकाश को अपने मुँह से से बुझा[13] दें, हालाँकि अल्लाह अपने प्रकाश को पूरा किए बिना नहीं रहेगा, भले ही काफिरों को बुरा लगे।
[13] आयत का अर्थ यह है कि यहूदी, ईसाई तथा काफ़िर स्वयं तो कुपथ पर हैं ही, वे सत्धर्म इस्लाम से रोकने के लिए भी धोखा-धड़ी से काम लेते हैं, जिसमें वह कदापि सफल नहीं होंगे।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
ये लोग और इनके अलावा अन्य काफ़िर समुदायों का उद्देश्य यह है कि अपने इन झूठे आरोपों और मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लाए हुए संदेश को झुठलाकर इस्लाम का सफाया कर दें और उसे गलत ठहरा दें, तथा अल्लाह के एकेश्वरवाद और उसके रसूल की लाई हुई शरीयत के सत्य होने के स्पष्ट तर्कों और खुले प्रमाणों को अमान्य कर दें। परंतु अल्लाह अपने धर्म को पूरा करके और अन्य धर्मों पर उसे ग़ालिब और सर्वोच्च करके ही रहेगा, भले ही काफ़िरों को उसका अपने धर्म को पूरा करना, उसे ग़ालिब और सर्वोच्च करना बुरा लगे। और जब अल्लाह किसी चीज़ का इरादा करता है, तो अन्य लोगों का इरादा अमान्य हो जाता है।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net