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सूरह 9 · आयत 31

At-Tawba 9:31

التوبة

ٱتَّخَذُوٓا۟ أَحْبَارَهُمْ وَرُهْبَـٰنَهُمْ أَرْبَابًا مِّن دُونِ ٱللَّهِ وَٱلْمَسِيحَ ٱبْنَ مَرْيَمَ وَمَآ أُمِرُوٓا۟ إِلَّا لِيَعْبُدُوٓا۟ إِلَـٰهًا وَٰحِدًا ۖ لَّآ إِلَـٰهَ إِلَّا هُوَ ۚ سُبْحَـٰنَهُۥ عَمَّا يُشْرِكُونَ

मतलब

उन्होंने अपने विद्वानों और अपने दरवेशों को अल्लाह के सिवा रब बना[12] लिया तथा मरयम के पुत्र मसीह को (भी)। हालाँकि, उन्हें इसके सिवा आदेश नहीं दिया गया था कि वे एक पूज्य की इबादत करें, उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं। वह उससे पवित्र है, जो वे साझी बनाते हैं।

[12] ह़दीस में है कि उनके किसी चीज़ को हलाल ठहराने को हलाल समझना और किसी चीज़ को हराम ठहराने को हराम समझना ही उनको पूज्य बनाना था। (तिरमिज़ी : 3095, यह ह़दीस हसन है।)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

यहूदियों ने अपने विद्वानों और इसाइयों ने अपने पुजारियों को अल्लाह के अलावा रब बना लिए। वे उनके लिए उस चीज़ को हलाल करते हैं, जो अल्लाह ने उनपर हराम की है और उस चीज़ को उनपर हराम कर देते हैं, जो अल्लाह ने उनके लिए हलाल की है। तथा ईसाइयों ने मरयम के पुत्र ईसा मसीह को अल्लाह के साथ पूज्य बना लिया। हालाँकि, अल्लाह ने यहूदियों के विद्वानों और ईसाइयों के पुजारियों को तथा उज़ैर और ईसा बिन मरयम को इसके सिवा कोई आदेश नहीं दिया था कि वे एक अल्लाह की इबादत करें और उसके साथ किसी चीज़ को शरीक न करें। क्योंकि वह सर्वशक्तिमान केवल एक पूज्य है, उसके सिवा कोई सच्चा पूज्य नहीं। अल्लाह इस बात से पवित्र है कि उसका कोई साझी हो, जैसा कि इन मुश्रिकों तथा अन्य लोगों का दावा है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

At-Tawba

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net