An-Nisaa 4:105
النساءإِنَّآ أَنزَلْنَآ إِلَيْكَ ٱلْكِتَـٰبَ بِٱلْحَقِّ لِتَحْكُمَ بَيْنَ ٱلنَّاسِ بِمَآ أَرَىٰكَ ٱللَّهُ ۚ وَلَا تَكُن لِّلْخَآئِنِينَ خَصِيمًا
(ऐ नबी!) हमने आपकी ओर सत्य पर आधारित पुस्तक अवतरित की है, ताकि आप लोगों के बीच उसके अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने आपको दिखाया है और आप ख़यानत करने वालों के तरफ़दार न बनें।[71]
[71] यहाँ से, अर्थात आयत 105 से 113 तक, के विषय में भाष्यकारों ने लिखा है कि एक व्यक्ति ने एक अन्सारी की कवच (ज़िरह) चुरा ली। और जब देखा कि उसका भेद खुल जाएगा, तो उसका आरोप एक यहूदी पर लगा दिया। और उसके क़बीले के लोग भी उसके पक्षधर हो गए। और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आए, और कहा कि आप इसे निर्दोष घोषित कर दें। और उनकी बातों के कारण समीप था कि आप उसे निर्दोष घोषित करके यहूदी को अपराधी बना देते कि आपको सावधान करने के लिए ये आयतें उतरीं। (इब्ने जरीर) इन आयतों का साधारण भावार्थ यह है कि मुसलमान न्यायधीश को चाहिए कि किसी पक्ष का इस लिए पक्ष न धरे कि वह मुसलमान है। और दूसरा मुसलमान नहीं है, बल्कि उसे हर ह़ाल में निष्पक्ष होकर न्याय करना चाहिए।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
हमने - ऐ रसूल - आपकी ओर सत्य पर आधारित क़ुरआन उतारा है; ताकि आप लोगों के बीच उनके सभी मामलों में उसके अनुसार फ़ैसला करें, जो अल्लाह ने आपको सिखाया और आपके दिल में डाला है, न कि अपने मन की आकांक्षा और राय के अनुसार। तथा आप स्वयं के साथ विश्वासघात करने वालों और अमानतों में ख़यानत करने वालों के तरफ़दार न बनें कि उनसे अधिकार माँगने वालों से उनका बचाव करें।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net