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सूरह 4 · आयत 104

An-Nisaa 4:104

النساء

وَلَا تَهِنُوا۟ فِى ٱبْتِغَآءِ ٱلْقَوْمِ ۖ إِن تَكُونُوا۟ تَأْلَمُونَ فَإِنَّهُمْ يَأْلَمُونَ كَمَا تَأْلَمُونَ ۖ وَتَرْجُونَ مِنَ ٱللَّهِ مَا لَا يَرْجُونَ ۗ وَكَانَ ٱللَّهُ عَلِيمًا حَكِيمًا

मतलब

तथा तुम (दुश्मन) क़ौम का पीछा करने में कमज़ोर न पड़ो, यदि तुम्हें पीड़ा होती है, तो निःसंदेह उन्हें भी पीड़ा होती है जिस तरह तुम्हें पीड़ा होती है और तुम अल्लाह से जिस चीज़ की आशा[70] रखते हो, वे उसकी आशा नहीं रखते। तथा अल्लाह सब कुछ जानने वाला, बहुत हिकमत वाला है।

[70] अर्थात प्रतिफल तथा सहायता और समर्थन की।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

- ऐ मोमिनो - अपने काफ़िर दुश्मनों का पीछा करने में कमज़ोर और आलसी न बनो। यदि तुम्हें अपने आपको पहुँचने वाले क़त्ल और आघात से तकलीफ़ महसूस होती है, तो इसी तरह वे भी तकलीफ़ महसूस करते हैं जिस तरह तुम तकलीफ़ महसूस करते हो, तथा उन्हें भी कष्ट पहुँचता है जिस तरह तुमहें कष्ट पहुँचता है। अतः उनका धैर्य तुम्हारे धैर्य से बढ़कर नहीं होना चाहिए। क्योंकि तुम्हें अल्लाह से जिस सवाब, सहायता और समर्थन की आशा है, उसकी आशा उन्हें नहीं है। और अल्लाह अपने बंदों की स्थितियों से अवगत, तथा अपने प्रबंधन और विधान-रचना में हिकमत वाला है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

An-Nisaa

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net