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सूरह 3 · आयत 121

Aal-i-Imraan 3:121

آل عمران

وَإِذْ غَدَوْتَ مِنْ أَهْلِكَ تُبَوِّئُ ٱلْمُؤْمِنِينَ مَقَـٰعِدَ لِلْقِتَالِ ۗ وَٱللَّهُ سَمِيعٌ عَلِيمٌ

मतलब

तथा (ऐ नबी! वह समय याद करो) जब आप अपने घर से निकले, ईमान वालों को युद्ध[66] के मोर्चों पर नियुक्त कर रहे थे तथा अल्लाह सब कुछ सुनने वाला, जानने वाला है।

[66] साधारण भाष्यकारों ने इसे उह़ुद के युद्ध से संबंधित माना है। जो बद्र के युद्ध के पश्चात् सन् 3 हिज्री में हुआ। जिसमें क़ुरैश ने बद्र की पराजय का बदला लेने के लिए तीन हज़ार की सेना के साथ उह़ुद पर्वत के समीप पड़ाव डाल दिया। जब आपको इसकी सूचना मिली तो मुसलमानों से परामर्श किया। अधिकांश की राय हुई कि मदीना नगर से बाहर निकल कर युद्ध किया जाए। और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक हज़ार मुसलमानों को लेकर निकले। जिसमें से अब्दुल्लाह बिन उबय्य मुनाफ़िक़ों का प्रमुख अपने तीन सौ साथियों के साथ वापस हो गया। आपने रणक्षेत्र में अपने पीछे से शत्रु के आक्रमण से बचाव के लिए 70 धनुर्धरों को नियुक्त कर दिया। और उनका सेनापति अब्दुल्लाह बिन जुबैर को बना दिया। तथा यह आदेश दिया कि कदापि इस स्थान को न छोड़ना। युद्ध आरंभ होते ही क़ुरैश पराजित हो कर भाग खड़े हुए। यह देखकर धनुर्धरों में से अधिकांश ने अपना स्थान छोड़ दिया। क़ुरैश के सेनापति ख़ालिद पुत्र वलीद ने अपने सवारों के साथ फिर कर धनुर्धरों के स्थान पर आक्रमण कर दिया। फिर आकस्मात् मुसलमानों पर पीछे से आक्रमण करके उनकी विजय को पराजय में बदल दिया। जिसमें आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को भी आघात पहुँचा। (तफ़्सीर इब्ने कसीर।)

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

तथा (ऐ नबी) आप उस समय को याद कीजिए, जब आप मदीना से, उहुद के मैदान में, मुश्रिकों से युद्ध के लिए निकल पड़े, जहाँ आपने ईमान वालों को उनके युद्ध के स्थानों पर नियुक्त करना आरंभ किया। चुनांचे आपने प्रत्येक व्यक्ति को उसका स्थान बताया। और अल्लाह तुम्हारी बातों को सुनने वाला, तुम्हारे कामों को जानने वाला है।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net