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सूरह 3 · आयत 120

Aal-i-Imraan 3:120

آل عمران

إِن تَمْسَسْكُمْ حَسَنَةٌ تَسُؤْهُمْ وَإِن تُصِبْكُمْ سَيِّئَةٌ يَفْرَحُوا۟ بِهَا ۖ وَإِن تَصْبِرُوا۟ وَتَتَّقُوا۟ لَا يَضُرُّكُمْ كَيْدُهُمْ شَيْـًٔا ۗ إِنَّ ٱللَّهَ بِمَا يَعْمَلُونَ مُحِيطٌ

मतलब

यदि तुम्हारा कुछ भला हो, तो उन्हें बुरा लगता है और यदि तुम्हारा कुछ बुरा हो जाए, तो वे उससे प्रसन्न होते हैं। और यदि तुम धैर्य करते रहे और अल्लाह से डरते रहे, तो उनका छल तुम्हें कोई हानि नहीं पहुँचाएगा। निःसंदेह अल्लाह उनके सभी कार्यों से अवगत है।

मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com

तफ़सीर

यदि (ऐ ईमान वालो!) तुम्हें कोई नेमत मिल जाए, जैसे शत्रुओं पर विजय अथवा धन और संतान में वृद्धि; तो उन्हें दु:ख और चिंता घेर लेती है, और यदि तुम्हें कोई विपत्ति पहुँचे, जैसे दुश्मनों की जीत अथवा धन एवं संतान में कमी, तो इससे वे प्रसन्न होते हैं और तुम्हारी विपदा पर खुश होते हैं। लेकिन यदि तुम अल्लाह के आदेशों तथा उसके निर्धारित भाग्यों पर धैर्य से काम लो और अपने ऊपर उसके क्रोध से बचते रहो; तो उनके छल करने और कष्ट देने से तुम्हें कोई नुकसान नहीं होगा। नि:संदेह अल्लाह उनकी चालबाज़ियों से अवगत है और वह उन्हें निराश लौटाएगा।

यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com

Aal-i-Imraan

अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net