Aal-i-Imraan 3:117
آل عمرانمَثَلُ مَا يُنفِقُونَ فِى هَـٰذِهِ ٱلْحَيَوٰةِ ٱلدُّنْيَا كَمَثَلِ رِيحٍ فِيهَا صِرٌّ أَصَابَتْ حَرْثَ قَوْمٍ ظَلَمُوٓا۟ أَنفُسَهُمْ فَأَهْلَكَتْهُ ۚ وَمَا ظَلَمَهُمُ ٱللَّهُ وَلَـٰكِنْ أَنفُسَهُمْ يَظْلِمُونَ
वे इस सांसारिक जीवन में जो कुछ भी ख़र्च करते हैं, वह उस हवा के समान है, जिसमें पाला (अत्यधिक ठंड) हो, जो किसी ऐसी क़ौम की खेती को लग जाए, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार[64] किया हो और उसको नष्ट कर दे। तथा अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया, बल्कि वे स्वयं अपने आप पर अत्याचार करते थे।
[64] अवज्ञा तथा अस्वीकार करते रहे थे। इसमें यह संकेत है कि अल्लाह पर ईमान के बिना दान का प्रतिफल परलोक में नहीं मिलेगा।
मतलब: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari. Translated by Azizul Haq Al-Omari वर्शन 1.1.5, 2025-08-05। QuranEnc.com
ये काफ़िर (नास्तिक) लोग पुण्य के रास्तों में जो कुछ खर्च करते हैं और वे उसके प्रतिफल की जो प्रतीक्षा करते हैं, उसका उदाहरण उस हवा की तरह है जिसमें अत्यधिक ठंड हो, जो किसी ऐसी क़ौम की खेती को लग जाए जिन्होंने पापों आदि के द्वारा अपने आप पर अत्याचार किया हो, और वह उसे बर्बाद कर दे, हालाँकि उन्हें उससे अच्छी पैदावार की आशा थी। तो जिस तरह इस हवा ने खेती को नष्ट कर दिया और उससे लाभ नहीं उठाया जा सका, उसी प्रकार कुफ्र उनके उन कार्यों के प्रतिफल को व्यर्थ (अमान्य) कर देगा जिसकी वे आशा रखते हैं। अल्लाह ने उनपर अत्याचार नहीं किया - अल्लाह ऐसा करने से सर्वोच्च है -, बल्कि उन्होंने अल्लाह का इनकार करके तथा उसके रसूलों को झुठलाकर स्वयं अपने आप पर अत्याचार किया।
यह संस्करण हर आयत की तशरीह करता है; यह उसका तर्जुमा नहीं है। मतलब: Hindi Translation of Al-Mukhtasar in Interpreting the Noble Quran. Issued by Tafsir Center for Quranic Studies वर्शन 1.0.0, 2024-02-20। QuranEnc.com
अरबी Tanzil का टेक्स्ट है, बिना किसी बदलाव के। मतलब अपने पब्लिशरों के एडिशन हैं, बिना किसी बदलाव के; सबील के अपने जाँच करने वालों ने अभी तक इन्हें नहीं जाँचा है। अरबी: Tanzil उस्मानी टेक्स्ट, वर्शन 1.1। स्रोत: tanzil.net